पापा के शराबी दोस्त

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रानी शर्मा हे. आज आप को अपनी स्टोरी बताने जा रही हूं. मेरी उमर 20 साल है और मेरी हाइट ५ फुट ४ इंच है. मेरा फिगर ३४-३०-३६ है. घर मैं सिर्फ मैं और मेरे पापा ही रहते हैं, मम्मी और भैया काफी वक्त पहले एक हादसे मैं दुनिया छोड़ गए थे, उस हादसे के कुछ टाइम बाद पापा ने शराब पीना शुरु कर दिया था. और धीरे धीरे पापा को इसकी लत लग गई, ऑफिस से घर पापा हमेशा शराब पीकर ही आने लगे.

मैंने कॉलेज में पहले साल में एडमिशन ले लिया, पढ़ाई में मैं ठीक ठाक थी, ना तो ज्यादा इंटेलिजेंट और ना ही बहुत नालायक. कॉलेज का माहौल मुझे बहुत अच्छा लगा. यहां कोई ज्यादा रोक टोक नहीं थी. धीरे धीरे मेरी सभी सहेलियों के बॉयफ्रेंड बन गए, मन तो मेरा भी करता था पर किसी लड़के ने प्रपोज नहीं किया. लड़के घुरते तो बहुत है पर कोई प्रपोज नहीं करता था, मैं थोड़ी मोटी थी और मेरी सहेलियां और क्लासमेट स्लिम थी, शायद इसीलिए उन के बॉयफ्रेंड बन गये थे और मेरा नहीं बना था.

कॉलेज से शाम को घर जा कर मैं पहले कुछ देर आराम करती थी और फिर शाम को पापा के आने से पहले ही खाना बना कर रेडी कर देती थी ताकि जब पापा आए तो हम दोनों साथ में बैठ कर खाना खा सके. पर पापा ने तो कुछ दिनों से शाम को दारु पीने के बाद खाना खाना ही बंद कर दिया था, आते तो बिस्तर पर लेट कर सो जाते थे.

ऐसे ही एक दिन शाम को जब मैं पापा का इंतजार कर रही थी तो डोर बेल बजते ही मैंने डोर खोला तो देखा आज एक अंकल पापा को घर छोड़ने आए हुए थे, उस वक्त पापा ने ईतनी शराब पी रखी थी कि उन को होश भी नहीं था, अंकल ने सहारा दे कर किसी तरह से पापा को खड़ा किया हुआ था, पापा को ऐसे देखते ही मेरे होश उड़ गए और मेने जल्दी से पापा को दूसरी साइड से सहारा दिया और अंकल से बोली क्या हुआ पापा को?

अंकल ने कहा : घबराना मत आज कुछ ज्यादा ही पी ली है इसने. सुबह तक ठीक हो जाएगा. फिर मैंने और अंकल ने पापा को उन के रूम तक पहुंचा दिया और पापा को लेटा दिया. मैं अंकल के लिए पानी ले आई और अंकल को थैंक्यू अंकल कहा. अंकल ने कहा कोई बात नहीं, उस वक्त मुझे पता चला कि अंकल ने भी शराब पी हुई है क्योंकि उन के मुंह से स्मेल आ रही थी दारू की, पर अंकल होश में लग रहे थे.

मेने अंकल से पूछा : अंकल आप भी पापा के ऑफिस में काम करते हो? तो अंकल ने कहा की नहीं, मैं उस के ऑफिस में काम नहीं करता हु. यह जहां दारू पीने आते हैं मैं भी वहां पर रोज दारु पीता हूं, तो हमारी दोस्ती हो गई हे.

मेंने कहा : अंकल आप पापा को दारु कम पीने को बोलिए ना, पापा हर रोज दारु पीकर आते हैं, यह बात बोलते बोलते में थोड़ी रोने जैसी हो गई और आंखों से आंसू निकल आए.

तब अंकल मेरे पास आए और मेरे आंसू पोछे और मुझे अपनी बाहों में पकड़ कर खुद से सटा लिया और फिर मेरे आंसू पोंछते हुए बोले रो मत बेटा ऐसे नहीं रोते, सब ठीक हो जायेगा.

में अंकल से थोडा सा अलग होते हुए बोली फिर क्या करूं अंकल?  पापा ने तो अब खाना खाना भी छोड़ दिया है, वह रोज शाम को दारु पी कर सो जाते हैं बस. मेरे साथ अच्छे से बात भी कभी नहीं करते हैं.

अंकल मेरे पास खड़े हुए मेरी बात ध्यान से सुन रहे थे, और उन का एक हाथ मेरी कमर पर घूम रहा था और मेरी बात सुनते ही अंकल ने थोड़ा सा अपनी तरफ खींचा जिस से मैं एक साइड से उन से थोड़ा चिपक सी गई.

अब अंकल ने अपने हाथों से मेरे आंसू पोंछते हुए बोला, रोते नहीं बेटा, संभालो खुद को और पापा को ले कर ज्यादा परेशान मत हो, मैं उन को ज्यादा पीने नहीं दूंगा.

अंकल की बात मुझे बहुत अच्छी लगी और काफी दिनों बाद मुझे किसी ने इतने प्यार से बात की थी, तो मुझे बहुत अच्छा लगा, और मैंने अंकल को थैंक यू बोला.

फिर अंकल अपने घर चले गए और मैं सो गयी. अगले दिन सुबह उठ कर मैंने खाना बनाया और पापा को उठाया, पापा अब ठीक थे. पापा को खाना देते टाइम मैंने पापा से कहा

पापा आप शराब मत पिया कीजिए, पापा ने एक बार मेरी तरफ देखा और हां में सर हिला दिया, और मैं फिर से घर के कामों में लग गई. पापा अपने ऑफिस चले गए और मैं घर के काम खत्म कर के कॉलेज चली गई.

कोलेज में आज हमारा पूरा बेच मास बंक पर था, तो मैं भी क्लास की लड़कियों के साथ पार्क में बैठ गई, वहां पर सभी लड़कियां अपने और उन के बॉयफ्रेंड के किस्से सुनाने लगी सब बता रही थी कि उन का बॉयफ्रेंड उन से कितना प्यार करता है, केसे प्यार करता है, कितना मजा आता है. जब लड़का लड़की को किस करता है, उस की बॉडी दबाता है. कई लड़कियों ने अपने फर्स्ट सेक्स की स्टोरी बताइ की कैसे कैसे उन्होंने सब किया.

उन सब की बातें सुन कर मैं बहुत हॉट हो रही थी, इसलिए मैंने वहां से घर आना ही बेहतर समझा और बस पकड़ कर घर आ गई. फिर आईने के सामने बैठ कर सोचने लगी कि मुझ में और लड़कियों में कितना फर्क है, वह सब जिंदगी के मजे ले रही है और मैं यहां बैठी बोर हो रही हूं.

मैं दिखने में बुरी नहीं थी, सुंदर थी. पर थोड़ी मोटी जरूर थी. और मेरे कॉलेज को सभी लड़कियां मॉर्डन टाइप की टाइट जींस, लेगीन, स्कर्ट और मस्त टॉप पहन कर आती थी, लेकिन मैं हमेशा सलवार कमीज ही पहनती थी. मैं ना जाने कब तक अपने ही ख्यालों में डूबी रही और अपने बारे में सोचती रही कि कैसे मैं भी बाकी लड़कियों की तरह बनु और कोई लड़का मुझसे भी प्यार करे, क्योंकि मेरे अंदर की जवानी भी अंगड़ाईया लेने लगी थी और चूत में भी लड़कियों की बातें सुन सुन कर खलबली मचलने लगी थी.

आज पापा शाम को कम शराब पी कर घर आए जिस से मैं खुश हो गई, मैंने खुशी खुशी पापा को खाना दिया, पापा ने भी एक रोटी खा ली और सो गए. आज कॉलेज जाते टाइम में कुछ पैसे ले कर गई और अपने फ्रेंड को कहा कि मुझे भी जींस लेनी है, लंच टाइम में मेरी दो तीन फ्रेंड मेरे साथ मार्केट मे आ गई और फिर मेरे लिए एक जींस, एक लेगिंग खरीद ली.

मेरी एक फ्रेंड ने कहा यार तू घर के लिए एक दो स्कर्ट भी खरीद ले. मैंने कहा क्यों? तो मेरे साथ खड़ी लड़की का नाम आरती मुझे बोली हमें पता हे की यह जींस विन्स क्यों खरीदे जा रहे है, ताकि कोई लड़का तुझे पटा ले.

उस की बात सुन कर मैं थोड़ा शर्मा गई और बोली नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है, तो मेरी फ्रेंड ने कहा देख हमसे मत शर्मा सब के मन में होता है यार की अपने भी कोई पीछे पड़े और हम अपने नखरे दिखाए. सुन तेरे घर में कोई प्रॉब्लम नहीं है जो रोक टोक करें, तू एक बार स्कर्ट और टॉप पहन कर घर से दुकान तक के २-४ चक्कर लगा और घर के टॉप पर घूम के देख, फिर देखना लड़के तो क्या अंकल भी लाइन मारने लगेंगे तेरे पर.

उस की बात सुन कर मैं अंदर ही अंदर बहुत खुश हो गई और दो स्कर्ट खरीद लिए और कुछ टॉप भी खरीदे, उस के बाद मेरी फ्रेंड ने मुझे मेकअप का सामान भी लेने को कहा मैंने वह भी ले लिया क्योंकि पापा ने आज तक मुझे जितने भी पैसे दिए थे मैं सब को जमा कर के रखती थी, इसलिए मुझे सामान खरीदने में कोई प्रॉब्लम नहीं हुई और शाम को घर आते ही नहा धोकर फ्रेश हुई मेकअप किया और कुछ सामान लेने का बहाना बना कर घर से टॉप पहन कर दुकान की तरफ चल दी.

मेकअप और स्कर्ट पहन कर निकलने का असर मुझे साफ दिखाई दिया, क्योंकि बाहर गली से गुजरते टाइम मोहल्ले के सभी लड़के मुझे घूर रहे थे, इस से पहले मैंने कभी यह बात नोट ही नहीं की थी. फिर दुकान से कुछ सामान लिया और घर आ गई. घर आते ही मैं बहुत खुश हूंई, मुझे आज बहुत अच्छा लग रहा था.

पर मेरी खुशी कुछ देर में ही चूर हो गई, आज फिर शाम को पापा काफी पि कर आए, उन से चला भी नहीं जा रहा था. उन के साथ मैं उस दिन वाले अंकल भी थे,  अंकल और मैंने सहारा दे कर पापा को बिस्तर पर लेटा दीया और मैं फिर से पापा की यह हालत देख कर रोने लगी.

तब अंकल मेरे पास आए और बोले रो मत बेटा.

मैंने कहा अंकल मैं क्या करूं? पापा के सिवा मेरा इस दुनिया में कोई भी नहीं है, उन को अगर कुछ हो गया तो मैं कहां जाऊंगी?

अंकल ने कहा : ऐसा मत सोच बेटा.

मैंने कहा : और क्या सोचु अंकल? पापा तो मान ही नहीं रहे हैं, अगर इतनी ही पीनी है तो घर बैठ कर पी लिया करें बहार कुछ हो गया तो मैं कहां ढूंढते फीरूंगी और रोने लगी.

अंकल ने मुझे अपने आप से सटा लिया और मुझे चुप करने लगे, और फिर बोले ऐसा करते हैं, तो कल से यह यही पर पिया करेगा और यही सो जाया करेगा, सब ठीक हो जाएगा तू रो मत बेटा.

मैं ऐसे ही अंकल से चिपकी हुई रो रही थी, कुछ देर में मुझे मेरे पेट पर कुछ चुभता हुआ सा महसूस हुआ, मे अंकल से अलग हुई तो देखा अंकल की पेंट आगे से फुली हुई है.

उस वक्त मेरी आंखों से आंसू आ रहे थे और अंकल मुझे चुप कराने में बिजी थे, तो शायद अंकल ने यह बात नोट नहीं की और मैं भी अनजान बनती रही.

उसके बाद सब शांत हो गया और अंकल घर से चले गए, मैं अपने रुम पर आ कर सोने की कोशिश करने लगी पर नींद तो जैसे गायब सी हो गई थी. मुझे बार बार अंकल का ख्याल आने लगा और मेरी चूत में अजीब सी हलचल मचने लगी, मैं मेरे हाथ को चूत पर घुमाने लगी और फिर एक उंगली चूत में अंदर कर दी, उस वक्त मेरी चूत बिल्कुल चिकनी हो गई थी, मुझे यह सब करते हुए बहुत मजा आ रहा था.

में सोच रही थी क्या यह अंकल ने जान बूझ कर किया हे, उस वक्त मुझे इस बात का जरा भी ख्याल नहीं था कि अंकल मेरे पापा की उम्र के हैं, उन हाईट भी ६ फुट के आसपास थी और एकदम तगड़े हैं, उन के सामने तो मैं एकदम छोटी सी  हूं. अगर वह मेरे ऊपर चढ़ गए तो मैं उन का वजन तक नहीं जेल पाऊंगी, बाकी सब तो दूर की बात है.

पर यह सब खयाल मेरे दिमाग में बहुत दूर थे, उस वक्त तो मुझे सिर्फ उन के लंड  की चुभन अपने पेट पर महसूस हो रही थी और मुझे पता भी नहीं चला की कब तक मैं उस ख्याल में डूबी रही और कब सोई.

अगले दिन सुबह होते ही मैं पापा के पास गई और बोली पापा शराब घर पर पी लिया कीजिए और अपने दोस्तों को भी यहीं पर बुला लीजिए, पापा ने कहा ठीक है.

उस के बाद पापा ऑफिस और मैं कॉलेज के लिए निकल गए. आज मैं पहली बार बस में लेगीन और टॉप पहन कर चढ़ी थी, इस से पहले मैं हमेशा खाली बस का इंतजार करती थी पर आज न जाने मेरे मन में क्या आया और मैं भीड़ वाली बस में चढ़ गई. बस में कॉलेज पहुंचने तक मेरा बुरा हाल हो गया था, क्योंकि पता ही नहीं चला कोई किसने बूब्स पर हाथ फेरा दिया और किस ने गांड पर. यह मेरे लिए नया अनुभव था और टोटल मिला कर यह मुझे अच्छा लगा. उस के बाद मैंने कॉलेज अटेंड किया और घर आ गई, ज्यादा कुछ खास नहीं हुआ.

घर आ कर मैंने फिर से मेकअप किया और स्कर्ट पहन कर दुकान की तरफ निकल गई, लड़के मुझे देखने लगे थे पर अभी तक किसी ने मुझ से बात नहीं की थी.

आज शाम को पापा और उन के साथ २-३ अंकल भी घर आए, वह अंकल भी थे जो हमेशा घर पर पापा को ले कर आते थे, मैंने दरवाजा खोल कर सब को नमस्ते किया और पापा के रूम में सब के लिए चेयर और टेबल सेट कर दिया, फिर सब के लिए पानी लाई.

उस वक्त मुझे पता चला कि उन अंकल का नाम असलम था जो हमेशा पापा को घर ले कर आते थे, एक अंकल का नाम शिवपाल और दुसर अंकल का नाम राजू था.

असलम अंकल ने मुझे कहा बेटा आइस है घर पर? मैंने कहा हां जी अंकल आइस हे. तो अंकल ने कहा बेटा ऐसा कर आईस ले आ और ठंडा पानी भी ले आ.

मैं रसोई में गई और आइस और ठंडा पानी और चार गिलास ले कर आ गई और वो सब बैठ कर शराब पीने लगे, मैं दूसरे रुम में बैठ गई. मुझे हंसने की आवाज आ रही थी कुछ देर बाद मुझे असलम अंकल की आवाज आई.

मैं भागती हुई उन के रूम में गई, अंकल ने कहा बेटा एक जग पानी और ले आ. मैंने जग उठाया और पानी ले कर आ गई, फिर अंकल ने मुझे अपने पास खींच लिया और में भी अंकल की चेयर के पास खड़ी हो गई, उन का हाथ मेरी कमर पर था.

फिर अंकल मेरे पापा की तरफ देखते हुए बोले आप की बेटी बहुत अच्छी और बहुत ही समझदार है ऐसी बेटीया नसीब वालो को मिलती हे.

मैंने पापा की तरफ देखा तो उन्होंने हां में सर को हीलाया पर वह दारू के नशे में खोए से हुए थे, और बाकी सब का भी लगभग ऐसा ही हाल था. उस वक्त टेबल पर दो बोतल खाली पड़ी थी.

और इधर अंकल लगातार अपनी बात बोल रहे थे, कितनी अच्छी बच्ची है कितनी सुंदर है, तेरा कितना ख्याल रखती है.

मुझे अंकल की बातें बड़ी अच्छी लग रही थी, बात करते करते अंकल का हाथ एक बार नीचे की तरफ आया और मेरी गांड पर से स्लिप करता हुआ नीचे की तरफ गया और फिर से ऊपर की तरफ आया. मेरा ध्यान अंकल की बातों से एकदम हट गया और अंकल की हाथ की हरकत पर गया, तभी मेरी गांड पर एक हल्की सी ठप की लगी और मैं जैसे नींद से जागी.

अंकल ने कहां : कहा खो गई, मैं पूछ रहा हूं खाने के लिए कुछ है? मैंने अंकल की तरफ देखा और शरमा गई और बोली  हा अंकल अभी लाती हु.

अंकल ने कहा :  सिर्फ सब्जी ले आना एक प्लेट में, टेस्ट करूंगा.

मैं प्लेट में सब्जी डाल कर अंकल के पास टेबल पर रखा आई.

राजू अंकल ने कहा यार शर्मा जी का गिलास खाली है, पेग बना.

मैंने कहा : पापा को ज्यादा मत पीने दीजिए.

असलम अंकल ने कहा तू फिक्र मत कर, हम है ना.

और फिर मैं मेरे रूम में आकर बैठ गई, कुछ देर बाद असलम अंकल मेरे रुम में आए.

मैं उनको देख कर बोली कि अंकल कुछ चाहिए था?

अंकल ने कहा नहीं मैं तो कुछ देर तेरे पास बैठने के लिए आया था.

मैं कुछ नहीं बोली और चुप चाप थोड़ा सा खिसक कर अंकल के लिए जगह बना दी, अंकल मेरे साथ बैठ गये और एक हाथ मेरे कंधे पर रख दिया.

मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज हो गई थी, पर किसी तरह खुद को संभाल कर बैठी थी.

अंकल ने कहा : कॉलेज कैसे चल रहा है?

मैंने कहा : ठीक चल रहा है.

अब अंकल ने अपना एक हाथ मेरे सिर पर रख लिया, उस वक्त मेरी स्कर्ट घुटने तक थी, पर अंकल ने हाथ से थोड़ा ऊपर कर दी.  और फिर बोले की कितनी खूबसूरत है तू? मैंने शरमा कर गर्दन नीचे कर ली, अंकल ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए मेरे गाल पर एक किस कर दी.

उस वक्त मुझे बहुत अच्छा लग रहा था पर डर भी लग रहा था, किस करते ही मैं दूसरी तरफ घूम गई, अंकल बिल्कुल मेरे पीछे लेट गए और उन का लंड मेरी गांड पर महसूस होने लगा, फिर अंकल थोड़ा और चीपके जिस से उनका लंड मेरी गांड पर चूभने लगा और अंकल एकदम मेरे ऊपर छा से गए और मेरे गाल पर किस करने लगे.

और उन का एक हाथ मेरे बूब्स पर आ गया, मैं धीरे से बोली अंकल कोई आ जाएगा.

अंकल ने मेरा एक बूब बहुत जोर से दबा दिया, मेरे मुंह से आहह अऊऊ की आवाज निकल गई, अंकल ने कहा कोई भी नहीं आयेगा, और मुझे अपनी तरफ घुमा लिया और मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए, उन के मुंह से दारू की स्मेल आ रही थी पर इस वक्त मैं इतने मजे में थी कि मुझे दारु कि स्मेल से कोई प्रॉब्लम नहीं थी. अंकल का एक हाथ मेरे बूब्स पर था और जोर जोर से टॉप के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबा रहा था.

फिर अंकल एक हाथ मेरी गांड पर ले गए और गांड से खेलने लगे, मुझे बहुत मजे आ रहे थे और मैं तो भूल ही गई थी कि दूसरे रूम में पापा के साथ दो लोग और  भी बैठे हैं.

अंकल लगभग २० मिनट तक ऐसे ही मेरे बदन के साथ खेलते रहे और फिर बोले कुछ देर रुक, मैं उन को भेज कर आता हूं. मेरे चुपचाप हां में गर्दन हिलाई, और फिर कुछ देर बाद बाहर का दरवाजा खुलने की आवाज आई. मैंने बाहर की तरफ देखा तो राजू और शिवपाल अंकल बाहर की तरफ जा रहे थे.

फिर अंकल ने दरवाजा बंद किया और मेरी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए आये. मैंने भी बाहे खोल कर अंकल को हग कर लिया और फिर अंकल गोद में उठा कर मुझे रूम में ले गए और बेड पर लेटा दिया और पटक से  मुझ पर टूट पड़े.

उन्होंने मेरा टॉप उतारा और फिर मेरी ब्रा उतार दी. और एक दूध को मुंह में ले कर चूसने लगे जैसे छोटे बच्चे चूसते हैं, और एक हाथ से मेरे बूब्स को दबाने लगे. मैंने भी मजे में आ कर आंखें बंद कर ली. कुछ देर बाद अंकल ने उठ कर अपने कपड़े उतारे मेने देखा अंकल का शरीर एकदम हट्टा कट्टा था और अंकल का लंड बहुत मोटा और लंबा था. एक बार तो उसे देख कर मैं डर ही गई कि यह अंदर कैसे जाएगा? अब अंकल कल मेरे साथ बैठ गए और मेरा हाथ पकड़ कर लंड पर रख दिया.

उन का लंड मेरे पूरे हाथ में भी नहीं आ पा रहा था, उस वक्त तो बस मेरे दिमाग में एक ही बात चल रही थी कि इतना लंबा लंड ले कर मजे कैसे आ सकते हैं?

अंकल ने अपना एक हाथ मेरी चूत पर रख दिया और ऊपर से सहलाने लगे जिस से मुझे मजा आने लगा और मैंने अपनी टांगे जरा सी खोल दी. अंकल ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा दिया. और मेरी पैंटी में हाथ डाल दिया और मेरी चूत में उंगली घुमाने लगे, मुझे बहुत मजा आ रहा था.

आज मुझ ऐसा एहसास हुआ कि एक मर्द की बाहों में आने पर कितना मजा आता है, इस के आगे तो दुनिया का कोई मजा कुछ नहीं है. अब अंकल हटे और मेरे स्कर्ट को पकड़ कर नीचे खींच लिया, मेरी पेंटी भी उस के साथ ही निचे उतर गई. उस के बाद अंकल मुझ से चिपक कर लेट गए और मेरे एक पैर को अपने पैर पर रख दिया, और अपने एक हाथ से मेरी चूत को कुरेदने लगे.

हम दोनों बिल्कुल नंगे एकदम चिपके हुए थे, फिर अंकल ने अपनी एक उंगली मेरी चूत में डाल दी, मुझे हल्का सा दर्द हुआ पर पूरी उंगली सरकते हुए अंदर पहुंच गई. अब अंकल ने उंगली अंदर बाहर करनी शुरू कर दी, मुझे तो बहुत मजा आने लगा था और मैंने जोर से अंकल को पकड़ लिया. १ मिनट बाद अंकल रुक गए और मुझे सीधा पीठ के बल कर दिया और खुद उठ कर मेरी टांगों के बीच आ गए.

अंकल ने मेरी टांगे पकड़ कर ऊपर कर दी और अपने कंधों पर रख ली. फीर अपना लंड पकड़ कर मेरी चूत पर ले गए, मेरे दिल की धड़कनें बढ़ने लगी, चूत पर लगाकर लंड को ऊपर नीचे करने लगे, मुझे अच्छा तो लग रहा था पर डर भी लग रहा था.

अंकल ने लंड को मेरी चूत के छेद पर टिकाया और लंड को पकड़ कर जोर लगाया, लंड सरकता हुआ अंदर चला गया.

मैंने कहा औउ ई इऔउ उऔऊ अय्य्य अय्य्य औऊ अंकल में मर गई.

इतना तेज दर्द हुआ कि मैं बता नहीं सकती, मैं अंकल के नीचे से हटना चाहती थी, पर अंकल ६ फुट के थे और हट्टे कट्टे थे वजन करीब १२० किलो था सांड जैसे इंसान थे. में अब रोते हुए अंकल से रिक्वेस्ट करने लगी अंकल प्लीज़ को छोड़ दीजिए बहुत दर्द हो रहा है, मैं मर जाऊंगी.

पर अंकल तो जैसे मेरी बात सुन ही नहीं रहे थे, उन्होंने और जोर लगाना शुरु किया और लंड लगभग आधा अंदर चला गया,  मेरी आंखों से आंसू बह कर मेरे तकियों पर गिर रहे थे जिन से तकिया भी गीला हो गया था.

पर अंकल में मेरे दर्द से बेखबर धक्के लगाने मैं मस्त हो गए, आराम आराम से धक्के लगाने से मेरा दर्द भी धीरे धीरे कम होने लगा, पर जैसे ही दर्द कम होने लगता अंकल लंड को और आगे कर देते, उस से मेरा दर्द बढ़ जाता. ऐसा करते करते अंकल ने लंड को एंड तक पहुंचा दिया, अब अंकल कल का पूरा लंड मेरी चूत में था और अंकल धक्के लगा रहे थे.

मुझे पता ही नहीं चला कब मेरा दर्द बिल्कुल खत्म हो गया और मेरी चीखे सिसकारियों में बदल गई. अंकल ने धक्को की स्पीड बढ़ा दी, मैंने अपने दोनों हाथ अंकल की कमर पर रख लिए और पैरों को अंकल की टांगों पर लपेट लिया, अब तो मैं असलम मैं उड़ रही थी, बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था, जैसे मैं स्वर्ग में पहुंच गई हूं..

अंकल के धक्के अब बहुत तेज हो गई थे, में अंकल के हार्ड धक्के के साथ हिलने लगी और मेरे मुंह से बहुत तेज सिसकारियां निकलने लगी आह औउ अह्ह्ह अय्य्य अहह येआया एस्स्स्स. में बस आंखें बंद किए मजे ले रही थी.

तभी एक तेज पिचकारी मेरे अंदर लगी, जैसे गरम गरम लावा मेरे अंदर किसी ने डाल दिया हो, में इस की गर्मी को महसूस कर सकती थी. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं एकदम तृप्त सी हो गई हु और एक दम थक भी गई. अंकल ने भी धीरे धीरे धक्के लगाने बंद कर दिए और हम ऐसे ही लेट गए. कुछ देर में उन का लंड अपने आप ही मेरी चूत से बाहर आ गया.

मुझे ईस वक्त जो मजा आ रहा था वह आज तक जिंदगी में कभी नहीं आया था. अंकल मेरे साइड में लेट गए और मैं अंकल को हग कर के लेटी रही. लगभग २० मिनट बाद अंकल खड़े हुए और बोले अब मैं चलता हूं तुम दरवाजा बंद कर लो.

मेने मुस्कुराते हुए हां में सिर हिलाया, अंकल ने एक बार मेरे लिप्स पर किस किया और अपने कपड़े पहन कर बाहर की तरफ चल दिए. में कुछ देर तक बैठी रही, फिर बेड से खिसक कर नीचे खड़ी हुई तो मेरी टांगों में और चूत में तीखा दर्द हुआ.

मैंने किसी तरह कर के अपना टॉप और स्कर्ट पहनी और बाहर का दरवाजा बंद कर के वोशरुम  में जा कर सुसू करने लगी, पहले तो असलम अंकल का माल चूत से बहने लगा और फिर सुसु आया.

रूम में आ कर मैंने चादर को देखा तो उस पर मेरे खून के निशान थे, मैंने चादर को चेंज किया और फिर लेट गई. बेड पर लेटते ही मुझे नींद आ गई, सुबह जब उठी तो देखा पापा ऑफिस के लिए रेडी हो गए थे.

मैंने पापा से कहा कि खाना खा कर जाना, तो पापा बोले मैं लेट हो जाऊंगा. तुम खा लेना और ऑफिस के लिए निकल गए. मैं अभी भी लंगड़ा कर चल रही थी, मेरी चूत खुली हुई थी और मुझे एहसास हो रहा था कि मेरी चूत में अभी भी कुछ है जिसे वह खुली हुई है.

Warning: This site is just for fun fictional SexyStories | To use this website, you must be over 18 years of age



sexy story hmama bhanji ki chudai storyatarvasna comvidhva didi ki tails chudai Hindi msuhagrat ki chudai hindi storysex story hindi onlinejija sali sex storyमाँ की गांड की गेंगबेंग चुदाई की कहानियाँpati ke samne chudaimajdoor ki chudaiओह्ह फक मी सेक्स स्टोरीTU MERA CHODU BETA HAI CHUDAI KAHANIdidi ko soping mi bra pinte dilae sex storysaas ki chootदोस्तकि मामिको मैने चोदाWww.azamgarh.me.lipstick.wali.aurat.ki.cudai.hindi.com.hinde sexy storeघर में अदला बदली बीबी ने गांड में लगवाया रंग ग्रुप चुदाईwww new hindi sex storynani ki chudaididi ki chaddiradtub me ma beta ki chudai videobhabhi ne seduce kiyabatrum mi panti kamukrahindi sex story bookhindi maa chudai storychut land ke chutkule14 साल गांडू लडके का गे कामुकता Wwwmom ko nehaty dakh muth mara sex kahanihindi chudai storycinema hall me chudaibhude से chudaai krwaiibahan ki chudai story in hindibhabhi ko hotel me chodaaantervasna sex stories40 साल की विधवा की चुदाई कथाsahadisuda aurat ki chit hindi fontबडी गाड फोटू लँड चाटindian sex history in hindiमेचुदाइकरनीland ki pyasjija sali ki sex storyhr ki chudaisoti huwi didi or bhanji ko choda kahanibhabhi hindi storychachi bhatije ki chudai ki kahaniwww.land.me.dam.hoto.fadade.chut.randiki.hindi.sex.kahanibahan ne bur ka intjam kiya 8 inchMote land ki boobs chusai video dawanload kachre wali ki chudaisex story hindi momमम्मी को बेटा ने सलवार कमीज में चोदा हिन्दी कहानीरिश्तो में देसी गैंगबैंग सेक्स स्टोरीpapa aur beti ki chudaiwww.antrevasna khanixxx maa bete kibibi ne bahan ko chudakar banaya yum storybhikharan ki chut or gand me bade bal the khahanibua chudai ki kahanidoodh wale se chudaichudai story hindi fontpapa beti sex storyinduansexstoriesmaa ko seduce karke chodaकेवल दर्द भरी चुदाई की कहानियाँsexy hind story bhuaa ko pregenent kiya jethani ki chudaididi ki oil laga kar gand mari kamuktaUncle ke gadhe jaise lund ko dekha or uncle ne muze choda hindi sex kahaniबाबूजी का तेल मालिश और जबरदस्त चुदाईmausi ki chudai in hindi storysexstoryinhindi